मेरठ हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। यह कोई साधारण अपराध नहीं था, बल्कि एक खौफनाक और योजना बनाई साजिश थी, जिसे एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया। इस घटना ने रिश्तों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
कैसे रची गई हत्या की साजिश?
घटना की जड़ें 2016 में तब पड़ती हैं जब मेरठ निवासी सौरभ राजपूत और मुस्कान का प्रेम विवाह होता है। सौरभ, जो मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे, अपने करियर के चलते अक्सर विदेश में रहते थे। उनकी शादीशुदा जिंदगी में सबकुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन 2019 में बेटी के जन्म के बाद हालात बदलने लगे।
इसी वर्ष मुस्कान की मुलाकात अपने पुराने सहपाठी साहिल से होती है। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दोनों फिर से संपर्क में आते हैं और जल्द ही उनके बीच नजदीकियां बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे साहिल मुस्कान के घर आने लगा, और दोनों साथ में शराब पीने लगे। यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्रेम संबंध में तब्दील हो गया, जिसका अंजाम सौरभ की निर्मम हत्या के रूप में सामने आया।
खूनी खेल का आगाज
24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से वापस इंडिया आता है। लेकिन उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी।
मुस्कान, जो पहले से ही इस हत्या की योजना बना चुकी थी, 4 मार्च को अपने पति को बेहोशी की दवा देकर बेहोश कर देती है। इसके बाद साहिल के साथ मिलकर वह सौरभ के शरीर के 15 टुकड़े करती है और उन्हें एक बड़े नीले ड्रम में डाल देती है। ताकि कोई शव न खोज सके, मुस्कान इस ड्रम को सीमेंट के घोल से भर देती है।
हत्या के बाद मौज-मस्ती
इस निर्मम हत्या को अंजाम देने के बाद भी मुस्कान और साहिल के चेहरे पर शिकन तक नहीं आई। वे न केवल होली का जश्न मनाते हैं, बल्कि हिमाचल की यात्रा पर भी निकल जाते हैं। यह दर्शाता है कि वे अपने अपराध को लेकर जरा भी भयभीत नहीं थे।
सच सामने कैसे आया?
हत्या के कुछ समय बाद मकान मालिक ने मुस्कान से मकान खाली करने को कहा। जब उसने आनाकानी की, तो मकान मालिक ने मजदूरों को भेजकर घर खाली करवाने का फैसला किया। इसी दौरान मजदूरों को वह नीला ड्रम दिखाई दिया, जो काफी भारी था और उसमें से दुर्गंध आ रही थी।
लेकिन सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब सौरभ की 6 साल की मासूम बेटी ने मासूमियत से कहा- “पापा तो ड्रम में हैं।”
अंजाम और पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस निर्मम अपराध ने समाज में रिश्तों की पवित्रता और विश्वास पर गहरी चोट पहुंचाई है।
मेरठ हत्याकांड केवल एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक सबक भी है कि लालच, बेवफाई और निर्दयता का अंजाम कितना भयावह हो सकता है।









