उत्तर-पूर्वी दिल्ली का एक इलाका, जिसे अक्सर “पाताल लोक” कहा जाता है। सीलमपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। इसकी वजह है सीलमपुर में जनसंख्या परिवर्तन को लेकर बढ़ती चर्चाएं और स्थानीय हिंदू आबादी के पलायन की खबरें।
70 लाख का मकान 44 लाख में बेचा: क्यों मजबूर हैं लोग?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भोला नामक एक निवासी को 70 लाख रुपये की संपत्ति मात्र 44 लाख में बेचनी पड़ी। वजह? इलाके में लगातार बिगड़ती सामाजिक स्थिति और बढ़ता तनाव। कुछ लोगों का कहना है कि हिंदू परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मकान छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
14 सालों में मुस्लिम आबादी में बढ़ोत्तरी
2011 की जनगणना के अनुसार, सीलमपुर की कुल आबादी 13.7 लाख थी, जिसमें लगभग 35% मुस्लिम आबादी थी। लेकिन 2020 के बाद हालात तेजी से बदले। अब दावा किया जा रहा है कि यहां मुस्लिम आबादी 60% से अधिक हो चुकी है। इस तेजी से हुए सीलमपुर में जनसंख्या परिवर्तन ने स्थानीय सामंजस्य को चुनौती दी है।
क्या यह सिर्फ प्रोपेगेंडा है?
कुछ जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा हो सकता है। उनकी दलील है – “अगर कोई मकान बेच रहा है तो वो पोस्टर पर मोबाइल नंबर क्यों नहीं डालता?” पर विरोधाभास ये है कि वास्तव में कई मकान बिक चुके हैं, और इनमें से अधिकतर सौदे बाजार दर से काफी कम कीमत पर हुए हैं।
शिव मंदिर के सामने मस्जिद निर्माण: एक और विवाद
सीलमपुर में एक पुराने शिव मंदिर के सामने एक चार मंजिला मस्जिद के निर्माण की कोशिश ने इलाके की स्थिति और भी संवेदनशील बना दी। कहा गया कि वह एक कम्युनिटी सेंटर है, लेकिन बाद में स्थानीय विरोध के चलते निर्माण कार्य को रोका गया। इस घटना ने डेमोग्राफी चेंज की चर्चाओं को और हवा दी।
गैंग और अपराध: 17 अप्रैल की रात की घटना
सीलमपुर की प्रेमपुरी कॉलोनी में एक गैंग के चलते 17 अप्रैल को कुणाल नाम के युवक की मौत हो गई। आरोप है कि “जीकरा” नाम की एक युवती इस गैंग की सरगना है। ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि केवल धार्मिक तनाव नहीं, बल्कि अपराध भी इलाके में बढ़ा है।
क्या संभल जैसी सच्चाई सीलमपुर में भी छिपी है?
उत्तर प्रदेश के संभल जैसे कई इलाकों में जनसंख्या असंतुलन की बातें अक्सर सामने आती हैं। अब सवाल यह है – क्या सीलमपुर में जनसंख्या परिवर्तन भी किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है? क्या यह सिर्फ एक समाजिक जनसंख्या वृद्धि है या इसके पीछे कोई रणनीति काम कर रही है?
रेखा गुप्ता लेंगी योगी जी से सलाह?
स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन चर्चाएं हैं कि रेखा गुप्ता, जो इलाके की प्रतिनिधि हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सलाह ले सकती हैं। उनके सख्त रुख की उम्मीद की जा रही है।
निष्कर्ष
सीलमपुर में जनसंख्या परिवर्तन सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रश्न बन चुका है। प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच करे और ऐसी अफवाहों या वास्तविकताओं के पीछे की सच्चाई को सामने लाए। यह मुद्दा न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश के लिए सोचने का विषय है।











